Monday, 17 April 2017

सोचता रहता हूँ ख्यालों में अक्सर

सोचता रहता हूँ ख्यालों में मै अक्सर
ये मुहब्बत ये जुदाई बेवजह तो नहीं होती होगी ना

जिसे दिल ने दिल में बसाया हो

जिसे दिल ने दिल में बसाया हो
उसे सोचने के बाद कुछ सोचा नहीं जाता
हक़ीक़त है मगर ये भी
मुकम्मल न हो प्यार तो कोई दूजा नहीं जाता

Saturday, 23 July 2016

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभी

Written By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016

Monday, 7 March 2016

तो फिर कहाँ से पाओगे औरत की हर एक छवियाँ ?


माँ के अंदर बहन के अंदर बसी होती है लङकियाँ

गर समझो तो अमूल्य होती है लङकियाँ

घर को संजोने वाली भी होती है लङकियाँ

खुद से भी प्यारी होती है सबको अपनी बेटियाँ

घर सुना-सुना हो जाता है जब रुखसत होती है बेटियाँ

काँटे की चुभन सी बितती है एक पल और एक घङियाँ

हर किसी को प्यारी जब होती है इनकी छवियाँ

तो फिर दुनिया क्योंं कतराती है धरा पर लाने में लङकियाँ

गर युँ कतराओगे धरा पर लाने मे बेटियाँ

तो फिर कहाँ से पाओगे औरत की हर एक छवियाँ ?

Sunday, 28 February 2016

आपकी मुस्कुराहट भी हमसे कुछ कहती है

आपकी मुस्कुराहट भी हमसे कुछ कहती है
खुबसुरती आपके रग-रग में दिखती है
वफा ए मुहब्बत की बेमिशाल मुरत हो आप
आप ना सही मगर आपकी नजरें ये बयाँ करती है ।

Friday, 12 February 2016

अब तो बस जहाँ देखुँ तेरा ही चेहरा रहता है

हर लम्हा मेरे आसपास तेरी यादोँ का पहरा रहता है
ये वक्त भी ना जाने अब कहाँ ठहरा रहता है
ना रात को करार है ना दिन को सकून है
अब तो बस जहाँ देखुँ तेरा ही चेहरा रहता है ।

हमसफर अच्छा हो तो राह कैसी भी हो गुजर जाती है

हमसफर अच्छी हो तो राह कैसी भी हो
गुजर जाती है ।
मुहब्बत की राह में कोई मिलता है तो
कोई साथ छोङ जाती है ।
हर किसी को यहाँ नहीं मिलता मुहब्बत में
साथ देने वाला
मुहब्बत में कोई लुटता है और कोई किसी को
आबाद कर जाती है ।

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अब तो बस जहाँ देखुँ तेरा ही चेहरा रहता है

हर लम्हा मेरे आसपास तेरी यादोँ का पहरा रहता है ये वक्त भी ना जाने अब कहाँ ठहरा रहता है ना रात को करार है ना दिन को सकून है अब तो बस जहाँ ...