#दोहा, #सुब्रत आनंद गुरुदेव के चरणों में... पहले गुरु माता- पिता, वंदन शीश झुकाय। बिन इनके संभव नहीं, जीवन सुख है पाय।। नमन उन्हें जो दे गए, जीवन का हर मर्म । चलूँ सदा मैं नेक पथ, करूँ नेक मैं सितंबर 22, 2019 शेयर करें
#दोहा, #सुब्रत आनंद कुछ दोहे... सपने होते सच वही, दिखें जो खुली आँख पंछी उड़ते तब तलक, जब तक रहते पाँख...!! बचपन के वो दिन कहाँ, बस उसकी है याद वो गाँव की मस्तियाँ, मिली न उसके बाद.. सितंबर 21, 2019 शेयर करें
#दोहा, #सुब्रत आनंद वेदना किससे कहें..? नैनों में चुभने लगा, जैसे कोई तीर कैसे किसको हम कहें, अपने मन की पीर..!! जीवन के हर मोड़ पर, दोगे मेरा साथ फिर क्यों तूने थाम ली, अब दूजे का हाथ..? रोग लग सितंबर 19, 2019 1 शेयर करें