गुरुदेव के चरणों में... शेयर करें المؤلفSubratPosted atसितंबर 22, 2019 पहले गुरु माता- पिता, वंदन शीश झुकाय। बिन इनके संभव नहीं, जीवन सुख है पाय।। नमन उन्हें जो दे गए, जीवन का हर मर्म । चलूँ सदा मैं नेक पथ, करूँ नेक मैं कर्म।। भले कठिन हो राह पर, करते वो आसान । ईश तुल्य गुरु हैं सुनो, हरदम रखना मान..!! टिप्पणियाँ EmotionsCopy and paste emojis inside comment box
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