Sunday, 7 February 2016

इश्क मे मैने ये कैसी ठोकर पाई

इश्क में मैने ये कैसी ठोकर पाई
की थी मुहब्बत और मिली बेवफाई
ए खुदा अगर अंजाम ए ईश्क ये था
तो क्यों लिखी मेरे किस्मत मे मुहब्बत और फिर जुदाई

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