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मेरे अंदर कुछ हलचल बस युँ ही चलती है

मेरे अंदर कुछ हलचल बस युँ ही चलती है
तेरे बिन मेरी जिँदगी बस माचिस सी जलती है
पास मेरे तुम हो तो परवाह नहीँ अब दुनिया की
मेरी साँसे भी शायद तेरे साँसोँ से चलती है

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नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभीWritten By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016