Wednesday, 27 January 2016

तु सामने बैठो तुझे एक गीत लिखुँगा

तुझे दिल तुझे धङकन तुझे जानम मैँ लिखुँगा
तुझे सावन तुझे बादल तुझे रिमझिम मैँ लिखुँगा
जो तेरे लब छु गए मेरे लबोँ से अब
तुझे अपनी मुहब्बत की तकदीर मैँ लिखुँगा
रहा जाता नहीँ अब बिन तेरे मेरी जाँ ये तु सुन ले
तु सामने बैठो तुझे एक गीत लिखुँगा

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