Saturday, 10 October 2015

बेबसी ने मुझे इस कदर सताया है

बेबसी ने मुझे इस कदर सताया है

खुद की लाचारी पर अब मुझे रोना आया है

जिन्दगी तुझसे मै एक सवाल पुछता हुँ

तुने दिया किया है मुझे केवल खोया हुँ

किरदार भी दिया तुमने तो ये कैसा दिया

खुद को ही तुमने खुद से जुदा
किया

ना खुशी दी ना खुशनुमा संसार दिया

ना दिल दी ना मुहब्बत और प्यार दिया

दिया केवल जमाने मे तुमने खुदगर्जी की सौगात

अपने ही आज अपनोंं पर लगाए बैठे हैं घात

खुन के रिश्ते अब खुनोंं की होली खेलते हैं

सगे संबंधी भी केवल तंज की बोली बोलते हैं

कुछ नहींं रह गया है अब इस दुनिया मे  ए जिंदगी

जिंदा हुँ तो इसलिए की केवल कुछ साँस बाकी है
जो अब तलक चलती है

No comments:

Post a Comment

Featured post

अब तो बस जहाँ देखुँ तेरा ही चेहरा रहता है

हर लम्हा मेरे आसपास तेरी यादोँ का पहरा रहता है ये वक्त भी ना जाने अब कहाँ ठहरा रहता है ना रात को करार है ना दिन को सकून है अब तो बस जहाँ ...