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वो नटखट जमाने मुझे आज भी याद हैं

वो बचपन की यादे

वो नटखट जमाने

वो कागज की कश्ती

मुझे आज भी याद है

वो परियों की रानी

मै परियोंं का राजा

वो सपनों मे उङना

मुझे आज भी याद है

वो माँ का आँचल

और माँ की लोरी

वो गा कर सुलाना

मुझे आज भी याद है

कभी राजा बनाना

कभी भुतों से डराना

वो नानी की कहानी

मुझे आज भी याद है

गलती गर हो जाए

वो पापा का डर

और माँ के गुस्से

से कहीं छुप जाना

मुझे आज भी याद है ।

अब रह गई है

बस वो पुरानी यादें

कुछ धुँधला सा पल

कुछ धुँधले से लम्हें

अब तो कुछ रहा नहीं

ना परियोंं का राजा

ना नानी की कहानी

ना माँ की लोरी

वो बिता जमाना

मुझे आज भी याद है

गर हो सके तो मुझको लौटा दे

वो कागज की कश्ती

वो बारिस का पानी

से खुद को भिंगोना

मुझे आज भी याद है

वो कागज की कश्ती

वो बारिश का पानी

वो मौसम सुहाना

मुझे आज भी याद है ।

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नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभीWritten By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016