Sunday, 4 October 2015

वरना आन पर जिस दिन आ पङे नामो निशान मिटाने वाले हैं

ना खङग ना तलवार ना किसी भी भाल से

भारत माँ का बेटा हुँ नही डरते किसी भी वार से

भारत माँ की ओर गर कोई अंगुली भी उठाएगा

धर नरसिंहा रुप मै दौङा चला आँऊगा

शहिदो के खुन से रंगी मिट्टी हिन्दुस्तान की

जान की मुझको खबर नहीं परवाह है भारत माँ की

माँ की रक्षा खातिर हमने पहना कफन का चोला है

दुश्मन की गोली की परवाह नहीं हम फौलादी शोला हैं

कोई बाँट नहींं सकता हमे जाति और मजहबो मे

हिन्दु-मुस्लिम अलग नही हम सभी है एक मे

कोई जाति कोई मजहब अलग नही है देश मे

सभी साथ है फर्क यही है अलग-अलग है भेष मे

बुरी नजर भी तिरंगा पर अगर कोई डालेगा

माँ के वीर सपुतों का फिर हाथ खाली नही रह जाएगा

हर सपुतो के हाथ मे  होगी खुन से रंगी तलवार की

शहिदो के खुन से रंगी मिट्टी हिन्दुस्तान की

साथ चलोगे साथ बढोगे तो हम साथ निभाने वाले हैं

वरना आन पर जिस दिन आ पङे नामो निशान मिटाने
वाले हैं

नाम नहींं रह जाएगा फिर दुनिया के मानचित्र पर

इतिहास बन कर रह जाओगे फिर देखेंगे तुझे चलचित्र पर

अभी वक्त है अभी सम्भल जा हम गिले-शिकवे भुलाने वाले हैं

वरना आन पर जिस दिन आ पङे नामोँ निशान मिटाने
वाले हैंं

प्रेषक...... सुब्रत आनंद

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