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तमन्ना होती है तुम्हें हमसफर बना लुँ

तमन्ना होती है तुम्हे हमसफर बना लुँ

दुनिया की नजरो से तुझ को बचा लुँ

कर के एलान हाँ मुहब्बत है तुमसे

सारी दुनिया से कहकर खुद मे छुपा लुँ

भुल कर दुनिया की रश्म-ओ-रिवाज

तेरी झील से आँखो मे खो जाउँ आज

तेरी सादगी मे कुछ ऐसा कर जाऊँ

तुम मेरी गजल बनो मै तेरा शायर बन जाऊँ

तुम मेरी गजल बनो मै तेरा शायर बन जाउँ

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नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभीWritten By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016