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कितनी मुहब्बत तुमसे है ये मै नही जानता

कितनी मुहब्बत तुमसे है ये मै नही जानता
दुवाओ मे कैसे ना मै तुझे माँगता
तमन्ना है मेरी हर वक्त तेरे साथ रहने की
फिर कैसे ना मै तुझे खुदा मानता

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नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभीWritten By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016