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तेरी बाहों मे अक्सर मै सब कुछ भुल जाता हुँ

तेरी बाहोँ मे अक्सर मै सब कुछ भुल जाता हुँ
दुआओ मे खुदा से बस तुझे माँगता हुँ
तेरे बगैर तन्हाई भी मुझे रास नही आती
दुर गर हो जाऊँ मिलने की वजह माँगता हुँ
मेरी साँसे भी अब नाराज रहती है मुझसे
दुर तुम हो तो कहाँ जान रहती है मुझमे
सजदे मे सिर्फ तुझे माँगता हुँ
तेरी बाहो मे अक्सर मै सब कुछ भुल जाता हुँ
कब मालुम नही मगर जरुरत बन गई हो मेरी
हर वक्त मेरे सामने तस्वीर रहती है तेरी
तेरी जुल्फों मे उलझने को जी चाहता है
तेरी बाहो मे अक्सर मै सब कुछ भुल जाता हुँ

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नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी

नहीं है जिंदगी  शिकायत तुझसे कुछ भी
टुट चुका हुँ मै पर जिंदा हुँ मै अभी
साँसो को भी शिकायत रहती है मुझसे
खोया हुँ तेरे सवालों में सोया मै भी नहीं
साथ थे हम तो सताती थी दुनिया
अकेला हुँ मै मगर भुला अब भी नहीं
अरमाँ है देख लुँ जी भर के उसको
तकती है आँखे उसको आएगी शायद अभीWritten By:- सुब्रत आनंद
Date:- 23-07-2016