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Showing posts from August, 2015

साँस क्या है मै तो दिल मे बसाउँगा तुम्हें

साँस क्या है मै तो दिल मे बसाउँगा तुम्हे..
जिगर के रास्ते धङकन मे बसाउँगा तुम्हे..
मालुम है हमे भी ये दुनिया बङी बेरहम है..
दुनिया से लङ लुँगा मगर जान बनाऊँगा तुम्हे ।

दे देता जान आपके लिये

दे देता जान आपके लियेकभी एक बार बोल तो दिया होता .मुहब्बत है बेपनाह आपसेकभी एक बार एहसास दिला तो दिया होता ।आज जब आप दुर हो तो बहुत याद आती है आपकीजुबाँ से ना सही कभी नजरों से बता तो दिया होता .बसा लेता दिल मैं सारी दुनिया को बता करकभी हाथ पकङकर साथ चलकर दिखा तो दिया होता .
प्रेषक => सुब्रत आनंद

बेवफा नाम मत दे

मेरी चाहत का इतना इम्तिहान मत ले
दिल तोङने का इल्जाम मुझे मत दे
मै तो आशिक हुँ दिल तोङना मुझे नही आता
ईश्क का पुजारी हुँ बेवफा नाम मत दे

अपना भी अन्जाना है

मत दे तकलीफ अपने
साँसो को
तकलीफ क्या होती है मैने जाना है,
उम्र गुजर जाती है अपना गम भुलाने मे 
वो पास है तो कोइ गम नही  और  दुर हो जाए तो अपना भी अन्जाना है ।

अश्को को आँखो से शिकायत इतनी है

अश्को को आँखो से शिकायत इतनी है ,

दिल को मुहब्बत की जरुरत जितनी है।

क्यों कर देते हो मुझे पास लाकर इतनी दुर,

जब तुझको मुझसे नफरत इतनी है।।

साँस थम जाती है आपके जाने के नाम से

साँस थम जाती है आपके जाने के नाम से ,

दिल मचल उठता है आपके आने के नाम से।

कभी दुर मत जाना की जी नही लगता,

जान चली जाएगी आपको भुलाने के नाम से ।।