Thursday, 20 August 2015

साँस क्या है मै तो दिल मे बसाउँगा तुम्हें


साँस क्या है मै तो दिल मे बसाउँगा तुम्हे..
जिगर के रास्ते धङकन मे बसाउँगा तुम्हे..
मालुम है हमे भी ये दुनिया बङी बेरहम है..
दुनिया से लङ लुँगा मगर जान बनाऊँगा तुम्हे ।

दे देता जान आपके लिये

दे देता जान आपके लिये

कभी एक बार बोल तो दिया होता .

मुहब्बत है बेपनाह आपसे

कभी एक बार एहसास दिला तो दिया होता ।

आज जब आप दुर हो तो बहुत याद आती है आपकी

जुबाँ से ना सही कभी नजरों से बता तो दिया होता .

बसा लेता दिल मैं सारी दुनिया को बता कर

कभी हाथ पकङकर साथ चलकर दिखा तो दिया होता .
प्रेषक => सुब्रत आनंद

Tuesday, 11 August 2015

बेवफा नाम मत दे


मेरी चाहत का इतना इम्तिहान मत ले
दिल तोङने का इल्जाम मुझे मत दे
मै तो आशिक हुँ दिल तोङना मुझे नही आता
ईश्क का पुजारी हुँ बेवफा नाम मत दे

Saturday, 8 August 2015

अपना भी अन्जाना है

मत दे तकलीफ अपने
साँसो को
तकलीफ क्या होती है मैने जाना है,
उम्र गुजर जाती है अपना गम भुलाने मे 
वो पास है तो कोइ गम नही 
और 
दुर हो जाए तो अपना भी अन्जाना है ।

Monday, 3 August 2015

अश्को को आँखो से शिकायत इतनी है

अश्को को आँखो से शिकायत इतनी है ,

दिल को मुहब्बत की जरुरत जितनी है।

क्यों कर देते हो मुझे पास लाकर इतनी दुर,

जब तुझको मुझसे नफरत इतनी है।।

Sunday, 2 August 2015

साँस थम जाती है आपके जाने के नाम से


साँस थम जाती है आपके जाने के नाम से ,

दिल मचल उठता है आपके आने के नाम से।

कभी दुर मत जाना की जी नही लगता,

जान चली जाएगी आपको भुलाने के नाम से ।।

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